Jan Aushadhi Yojana: 2021 में जन औषधि योजना के बारे में जानें

Jan Aushadhi Yojana: 2021 में जन औषधि योजना के बारे में जानें

Jan Aushadhi Yojana फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा  चलाने वाली एक योजना या अभियान है। जिसका उद्देश्य भारत देश में उच्च क़्वालिटी के जेनेरिक ओषधिय या दवाइयां को जनहित हेतु उचित व सस्ते दामों में भारत के नागरिकों तक पहुंचाना है।

यहां जेनेरिक ओषधी से तात्पर्य यह है कि बिना ब्रांड की औषधि से है। लेकिन चिकित्सकीय मूल्य के आधार पर ये दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तरह इफेक्टिव होंगे लेकिन इनकी cost ब्रांडेड दवाओं की अपेक्षा कम व सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी।

साथ ये जेनेरिक दवाएं जनहित के लिए कारगर तो हैं ही और पूर्ण रूप से सुरक्षित भी हैं।

इन दवाओं का खरीदी करना BPPI (Bureau of pharma PSUs of india) का नियंत्रण होता है जिसकी स्थापना भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा किया गया है।

जन ओषधी योजनांतर्गत ओषधियों को जन ओषधि स्टोर में भेजने से पहले नाबाल लैबोरेट्रीज में मय तय मानकों के आधार पर निरीक्षण किया जाता है , इसके बाद में ही जन ओषधीय स्टोर हेतु दवाओं को भेजा जाता है।

 Jan Aushadhi Yojana: जन औषधि योजना को समझिए
Jan Aushadhi Yojana

Jan Aushadhi Yojana में जेनेरिक दवाओं से क्या मतलब है

Jan Aushadhi Yojana में जेनेरिक दवाओं से मतलब यह है कि जो ब्रांडेड दवा होती है वह बहुत महंगी होती है और इफेक्टिव होती है लेकिन  Jan Aushadhi Yojana में यही दवाएं ब्रांडेड दवाएं सस्ती दरों पर उपलब्ध हो जाएंगी और इफेक्टिव भी होंगे।

कुल मिलाकर Jan Aushadhi Yojana में  सस्ती दवाइयां मिलेगी अब जो लोग महंगी और इफेक्टिव दवाएं खरीदने में उन्हें दिक्कतों का सामना करते हैं उनके लिए खुसखबरी है।

जन औषधि स्टोर को कौन-कौन खोल सकते हैं?

Jan Aushadhi Yojana स्टोर कोई भी व्यक्ति खोल सकता है जैसे- गैर सरकारी संगठन या NGO मतलब राज्य सरकार द्वारा नामित अधिकृत शहकारी समिति Jan Aushadhi Yojana के अंतर्गत Jan Aushadhi Yojana Store खोल सकते हैं।

साथ ही साथ उन्हें कम से कम 3 साल का अनुभव हो वे खोल सकते हैं।

फार्मासिस्ट या चिकित्सक जिसके पास स्टोर के लिए पर्याप्त जगह है और उसका वित्तीय स्थिति अच्छा हो व अपना Jan Aushadhi स्टोर खोल सकते हैं।

Jan Aushadhi Yojana के तहत स्टोर खोलने वाले व्यक्ति को क्या लाभ होगा?
  • स्टोर मालिक को दवाइयों में प्रिन्टेड मूल्य पर 16 % की छूट मिलेगी।
  • दो लाख रुपये तक कि एक बार वित्तीय सहायता मिलेगा।
  • Jan Aushadhi स्टोर को एक साल के लिए उसके बिक्री का 10 % अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा लेकिन यह अधिकतर 10000 रुपये हर महीने होगा।
  • पूर्व के राज्यों/ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों, आदिवासी इलाकों में इंसेंटिव 15% दिया जाएगा और यह अधिकतर ₹15000 हर महीना होगा ।
जन औषधि स्टोर खोलने के लिए योग्यता
  • जो व्यक्ति जन औषधि स्टोर खोलना चाहता है वह बेरोजगार हो इसके अलावा वह फार्मासिस्ट या तो चिकित्सक हो या पर किसी फार्मासिस्ट कंपनी में काम किया हो वह व्यक्ति योग्य हो
  • आवेदन कर्ता के पास पंजीकरण होना चाहिए जो कि फॉर्म को भरते समय भरना होता है।
  • व्यक्ति को अपने बैंक अकाउंट की डिटेल देनी होगी जिसमें वह पिछले 3 सालों में अपना लेनदेन किया हो
  • आवेदन कर्ता के पास खुद की जमीन हो या फिर किराए से लिया हो जन औषधि खोलने हेतु। और उस जगह का क्षेत्रफल 120 वर्ग फिट होना अनिवार्य है
  • आवेदन कर्ता के पास Tin नंबर (टैक्स आईडेंटिफिकेशन नंबर ) होना चाहिए।

जन औषधि स्टोर खोलने की प्रक्रिया

जन औषधि स्टोर खोलने के लिए BPPI (BPPI (Bureau of pharma PSUs of india) जन औषधि स्टोर खोलने के लिए राज्य सरकार को निर्देश जारी करेगा। और उसी के अनुसार राज्य को जन औषधि स्टोर खोलने की सुविधाएं प्रदान करेगा। सरकार की यह कोशिश रहेगी कि जन औषधि स्टोर सरकारी अस्पताल परिसर में किया उसके आसपास खोला जा सके ताकि आने जाने वाले मरीजों को इसका फायदा मिल सके ।

साथ ही साथ अस्पताल के डॉक्टरों को भी निर्देशित किया जाएगा कि जेनेरिक दवाइयां Prescribe हेतु जिससे लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध हो सके।

मुझे उम्मीद है कि आपको जन औषधि योजना के बारे में अच्छे से जानकारी मिला है अगर आपके आसपास भी जन औषधि स्टोर उपलब्ध है तो आप वहां से सस्ती दरों पर दवाइयां ले सकते हैं।

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